ALGF 146, Gaur World Smart Street,Sector 16B,Greater Noida West -201318   |   9810583969   |   support@bloodkart.com

Our Single Page Blog

Home Single Blog Page

वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव

आज के इस औद्योगिक युग में वायु प्रदूषण सबसे बड़े स्वास्थ्य संकटों में से एक बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा प्रदूषित हवा में साँस लेने को मजबूर है। वायु गुणवत्ता का सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। वायु प्रदूषण न केवल श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, बल्कि हृदय, मस्तिष्क, त्वचा और यहाँ तक कि गर्भावस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि वायु प्रदूषण क्या है, इसके प्रमुख स्रोत क्या हैं, और यह हमारे स्वास्थ्य को किस तरह प्रभावित करता है।

1. वायु प्रदूषण क्या है? वायु प्रदूषण वह स्थिति है जिसमें वातावरण की स्वच्छ और प्राकृतिक हवा में अवांछित, विषैले या हानिकारक तत्व मिल जाते हैं। इसमें कुछ प्रमुख प्रदूषक शामिल होते हैं, जैसे कि पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), ओज़ोन (O₃), धूल, धुआँ और रासायनिक गैसें। ये प्रदूषक शरीर में प्रवेश कर विभिन्न गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। 2. वायु प्रदूषण कैसे फैलता है? वायु प्रदूषण प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारणों से हो सकता है। इसके प्रमुख स्रोत निम्नलिखित हैं: • जीवाश्म ईंधन का जलना लकड़ी, कोयला, कचरा और अन्य ईंधन जलाने से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें उत्पन्न होती हैं, जो विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती हैं। • औद्योगिक प्रदूषण रिफाइनरी, पावर प्लांट, फैक्टरी और रासायनिक उद्योगों से कई प्रदूषक उत्सर्जित होते हैं, जो वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इनमें PM2.5, सिलिका धूल (सिलिकोसिस का कारण), कोयले की धूल (ब्लैक लंग रोग का कारण), मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें शामिल हैं। • वाहन उत्सर्जन बस, ट्रक, कार और दोपहिया वाहनों से निकलने वाली गैसें पर्यावरण को प्रदूषित करती हैं तथा लोगों में अनेक बीमारियों का कारण बनती हैं। • निर्माण कार्य निर्माण स्थलों से निकलने वाले सीमेंट कण, डीज़ल से चलने वाली मशीनों का धुआँ, धूल और मिट्टी वायु में मिलकर PM10 के स्तर को बढ़ाते हैं। • कृषि अपशिष्ट जलाना पराली दहन से PM2.5, PM10, NOx, मीथेन (CH₄) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसे प्रदूषक वायु में स्मॉग उत्पन्न करते हैं। यह दमा, COPD, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ाते हैं। • घरेलू स्रोत घर के अंदर लकड़ी और कचरा जलाना भी वायु में हानिकारक तत्वों का उत्सर्जन करता है। 3. वायु प्रदूषण और मानव शरीर पर प्रभाव प्रदूषित हवा में सांस लेने से मनुष्यों में कई स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर देखा जाता है। यदि वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो जाए तो अस्थमा, बार-बार खांसी और गले में जलन/संक्रमण, ब्रॉन्काइटिस, फेफड़ों की क्षमता में कमी, सीओपीडी और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसका प्रभाव सबसे ज़्यादा बच्चों, बुजुर्गों, बाहरी श्रमिकों, एथलीट्स और पहले से श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्तियों पर होता है। शरीर के प्रमुख अंगों पर प्रभाव • हृदय: प्रदूषित हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे अतिसूक्ष्म कण फेफड़ों की गहराई तक पहुँचकर रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करते हैं, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप उच्च रक्तचाप, अनियमित धड़कन, हृदयाघात, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी जटिलताएँ हो सकती हैं। • मस्तिष्क: शोध के अनुसार, PM2.5 कण मस्तिष्क कोशिकाओं में सूजन पैदा कर सकते हैं, जिससे संज्ञानात्मक क्षमता में कमी, ऑक्सीडेटिव तनाव, याददाश्त कमजोर होना, ध्यान और एकाग्रता में कमी, तनाव और अवसाद, तंत्रिका संबंधी विकार तथा मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँच सकता है। • त्वचा और आँखें: प्रदूषित हवा त्वचा एवं आँखों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। इससे समय से पहले झुर्रियाँ, त्वचा में जलन, एलर्जी/रैशेज, आँखों में जलन, लालपन, सूजन और ड्राई आई सिंड्रोम जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। 4. वायु प्रदूषण से बचाव के उपाय प्रदूषण को पूरी तरह रोकना कठिन है, परंतु इसके प्रभाव कम किए जा सकते हैं: अत्यधिक प्रदूषण के दिनों में बाहरी गतिविधियों को कम करना अधिक ट्रैफिक वाले मार्गों से बचना पौधे लगाना: मनी प्लांट, एलोवेरा, स्नैक प्लांट घर में एयर-प्यूरिफायर का उपयोग मास्क (N95 / N99) का उपयोग व्यायाम बाहर की बजाय घर के अंदर करना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सरकार द्वारा जारी AQI (Air Quality Index) दिशानिर्देशों का पालन करना।

Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। व्यक्तिगत सलाह या अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। Sources: https://www.who.int/health-topics/air-pollution https://ncas.ac.uk/learn/what-is-air-pollution/